We have all been criticising about what is not being done by the government. However, we rarely give our own solutions to any problem that we see. May be the suggestion is ridiculous - but still if we look things in a positive way may be we can suggest solutions which some one can like and decide to implement. I know this is very wishful thinking but this is surely better than just criticising.

Friday, December 19, 2025

बुजुर्गों की बुद्धि और युवाओं का ज्ञान

ज्ञान और बुद्धिमत्ता—ये दोनों शब्द अक्सर एक साथ बोले जाते हैं, लेकिन दोनों एक नहीं हैं। ज्ञान तथ्य और जानकारी का संग्रह है। बुद्धिमत्ता उस ज्ञान को समझदारी, विवेक और अनुभव के साथ लागू करने की क्षमता है। ज्ञान दिमाग भरता है, पर बुद्धिमत्ता जीवन को दिशा देती है। और जीवन के वरिष्ठ वर्षों में यही बुद्धिमत्ता हमारी सबसे बड़ी ताकत, हमारी सच्ची साथी और समाज के लिए हमारी अनमोल देन बन जाती है।

सोचिए—ट्रैफिक लाइट लाल हो जाती है, यह सभी जानते हैं। यह ज्ञान है। लेकिन सड़क खाली होने पर भी लाल बत्ती पर रुकना – यह बुद्धिमत्ता है। इसी तरह, यह जानना कि व्यायाम फायदेमंद है, ज्ञान है; लेकिन रोज टहलना, व्यायाम करना और अपनी सीमाओं का ध्यान रखना – यह बुद्धिमत्ता है।

उम्र बढ़ने का अनमोल उपहार

उम्र बढ़ने के साथ हमें एक अद्भुत वरदान मिलता है। गति थोड़ी कम हो सकती है, कुछ बातें भूल भी जाएं, लेकिन जीवन को समझने की क्षमता गहरी हो जाती है। हम खुशियों, चुनौतियों, गलतियों, रिश्तों और अनुभवों से गुज़र चुके होते हैं। हर अनुभव एक मोती बन जाता है – और इन मोतियों की माला ही बुद्धिमत्ता है।

  • युवा तेज भागते हैं। वरिष्ठ जानते हैं कि किस दिशा में भागना है।
  • युवा ऊर्जा लाते हैं। वरिष्ठ दृष्टि लाते हैं।

इसीलिए नेवर से रिटायर्ड की भावना इतनी महत्वपूर्ण है। नौकरी से रिटायर होना अनिवार्य है, पर सीखने और मार्गदर्शन देने से रिटायर होना बिल्कुल नहीं। वरिष्ठों के पास वह ख़जाना है जिसकी दुनिया को सबसे ज़्यादा आवश्यकता है – बुद्धिमत्ता।

बुद्धिमत्ता जीवन के छोटे-छोटे क्षणों में

बुद्धिमत्ता बड़े भाषणों में ही नहीं दिखती; यह छोटी-छोटी बातों में अपना प्रकाश बिखेरती है।

  • कब बोलना है और कब चुप रहना है – यह बुद्धिमत्ता है।
  • बहस में जीत से अधिक रिश्ते की गरमाहट – यह बुद्धिमत्ता है।
  • मिठाई पसंद है, पर स्वास्थ्य ज़्यादा ज़रूरी है – यह बुद्धिमत्ता है।
  • जीवन की प्राथमिकताओं को समझना – यही असली बुद्धिमत्ता है।

वरिष्ठ जीवन इन छोटी-छोटी बातों को गहराई से जीने का समय है – क्योंकि अब हमारे पास समय है, दृष्टि है, और अनुभव है।

सीखते रहना ही बुद्धिमत्ता है

बहुत से लोग मानते हैं कि सीखना केवल युवाओं के लिए है। पर सच्चाई यह है कि जीवनभर सीखना ही जीवनभर की बुद्धिमत्ता की नींव है। दुनिया बदल रही है – तकनीक, बैंकिंग, स्वास्थ्य, संवाद – सब कुछ तेज़ी से विकसित हो रहा है। जो वरिष्ठ सीखने की ललक बनाए रखते हैं, वे मानसिक रूप से चुस्त और लचीले बने रहते हैं।

  • बुद्धिमत्ता जिद्दी नहीं होती।
  • वह नहीं कहती – “मुझे सब आता है।”
  • वह कहती है – “मुझे थोड़ा और समझना है।”

UPI सीखना हो, योग सीखना हो, नई किताबें पढ़नी हों – हर नया ज्ञान, बुद्धिमत्ता को गहराई देता है।

बुद्धिमत्ता बांटना – हमारी जिम्मेदारी

वरिष्ठ समाज को जो सबसे बड़ी देन दे सकते हैं, वह है – मार्गदर्शन। आज दुनिया में जानकारी बहुत है, पर दिशा कम है। युवा दबाव और भ्रम का सामना कर रहे हैं। वे शायद हमसे अधिक जानकारी रखते हों, पर जीवन अनुभव डाउनलोड नहीं किया जा सकता।

  • आपके अनुभव, आपकी कहानियां, आपकी सीख – अनमोल हैं।
  • आपकी गलतियां दूसरों को बचाती हैं।
  • आपकी सफलताएं दूसरों को प्रेरित करती हैं।

जब आप अपनी बुद्धिमत्ता साझा करते हैं, तो आप खुद भी सक्रिय, उद्देश्यपूर्ण और उत्साहित रहते हैं।

सरलता की बुद्धिमत्ता

उम्र के साथ हम जान लेते हैं कि जीवन उतना जटिल नहीं है जितना हम बना लेते हैं।
वरिष्ठ जानते हैं:

  • स्वास्थ्य असली दौलत है।
  • रिश्ते सबसे बड़ा सुख हैं।
  • मन की शांति ही असली समृद्धि है।
  • कृतज्ञता से खुशी बढ़ती है।
  • गुस्सा ऊर्जा कम करता है।
  • समय अनमोल है।
    यही सरलता असली बुद्धिमत्ता है।

नेवर से रिटायर्ड – बुद्धिमत्ता जीवित रखें

नेवर से रिटायर्ड अभियान का संदेश स्पष्ट है – वरिष्ठ समाज का बोझ नहीं, बल्कि मार्गदर्शक प्रकाश हैं। हर वरिष्ठ चलता-फिरता ज्ञानकोष है। हर वरिष्ठ के पास जीवन की सीखें हैं जिन्हें दुनिया सुनना चाहती है।

  • ज्ञान किताबों से आता है।
  • बुद्धिमत्ता जीवन से आती है।

और यही आपकी सबसे अनमोल पूंजी है – इसे जिएं, बांटें और जश्न मनाएं। जीवनभर का ज्ञान ही, उम्रभर की बुद्धिमत्ता हैं। ध्यना रहें ज्ञान बहुत है, पर बुद्धिमत्ता दुर्लभ है। सीखते रहिए, समझते रहिए, आगे बढ़ते रहिए – यही हमारा ध्येय होना चाहिए।

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